बुधवार, 20 मई 2026

अज़ीम प्रेमजी की जीवनी: विप्रो को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले भारतीय उद्योगपति

 

अज़ीम प्रेमजी भारत के प्रसिद्ध उद्योगपति, परोपकारी और Wipro के पूर्व चेयरमैन हैं। उन्होंने भारतीय आईटी उद्योग को नई दिशा दी और शिक्षा व समाजसेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

Azim Premji : भारत के आईटी उद्योग के महान निर्माता

अज़ीम प्रेमजी भारत के सबसे सम्मानित उद्योगपतियों और समाजसेवियों में से एक हैं। उन्होंने एक छोटी वनस्पति तेल बनाने वाली कंपनी को वैश्विक आईटी कंपनी Wipro में बदल दिया। अपनी सादगी, ईमानदारी और परोपकार के कारण उन्हें भारत के सबसे प्रेरणादायक बिजनेस नेताओं में गिना जाता है।

प्रारंभिक जीवन

अज़ीम हाशिम प्रेमजी का जन्म 24 जुलाई 1945 को मुंबई (तत्कालीन बॉम्बे) में हुआ था। उनके पिता मोहम्मद हाशिम प्रेमजी एक सफल व्यवसायी थे और खाद्य तेल के कारोबार से जुड़े थे। अज़ीम प्रेमजी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मुंबई में प्राप्त की और बाद में अमेरिका के Stanford University में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू की।

कम उम्र में संभाली कंपनी की जिम्मेदारी

1966 में उनके पिता के निधन के बाद केवल 21 वर्ष की आयु में उन्हें पारिवारिक व्यवसाय की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी। उस समय कंपनी मुख्य रूप से वनस्पति तेल और उपभोक्ता उत्पाद बनाती थी। कम उम्र और सीमित अनुभव के बावजूद उन्होंने कंपनी को नई दिशा देने का निर्णय लिया।

विप्रो को आईटी दिग्गज बनाने की कहानी

1970 और 1980 के दशक में अज़ीम प्रेमजी ने कंपनी का विस्तार कई क्षेत्रों में किया। उन्होंने कंप्यूटर और सूचना प्रौद्योगिकी के भविष्य को जल्दी पहचान लिया। 1980 के दशक में कंपनी ने आईटी क्षेत्र में प्रवेश किया और धीरे-धीरे सॉफ्टवेयर सेवाओं तथा तकनीकी समाधानों पर ध्यान केंद्रित किया।

उनके नेतृत्व में विप्रो ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी पहचान बनाई। कंपनी ने अमेरिका, यूरोप और एशिया के अनेक देशों में सेवाएं प्रदान करना शुरू किया। गुणवत्ता, नवाचार और ग्राहक संतुष्टि पर विशेष ध्यान देने के कारण विप्रो विश्व की प्रमुख आईटी कंपनियों में शामिल हुई।

नेतृत्व शैली

अज़ीम प्रेमजी का मानना था कि किसी भी व्यवसाय की सफलता केवल लाभ कमाने से नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों और ईमानदारी से तय होती है। उन्होंने हमेशा पारदर्शिता, अनुशासन और उच्च गुणवत्ता वाले कार्य को प्राथमिकता दी। यही कारण है कि उन्हें भारतीय कॉर्पोरेट जगत में नैतिक नेतृत्व का प्रतीक माना जाता है।

समाजसेवा और परोपकार

साल 2001 में उन्होंने Azim Premji Foundation की स्थापना की। इस संस्था का मुख्य उद्देश्य भारत में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है। फाउंडेशन ने देश के कई राज्यों में सरकारी स्कूलों और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए हैं।

अज़ीम प्रेमजी ने अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा समाजसेवा के लिए दान किया है। वे दुनिया के सबसे बड़े परोपकारी व्यक्तियों में गिने जाते हैं। उन्होंने The Giving Pledge पर हस्ताक्षर करने वाले पहले भारतीय उद्योगपति बनकर अपनी अधिकांश संपत्ति जनकल्याण के लिए समर्पित करने का संकल्प लिया।

सम्मान और उपलब्धियाँ

अज़ीम प्रेमजी को उनके व्यापारिक और सामाजिक योगदान के लिए अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं। भारत सरकार ने उन्हें Padma Bhushan तथा बाद में Padma Vibhushan से सम्मानित किया। उन्हें भारत के आईटी क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वालों में गिना जाता है।

प्रेरणादायक व्यक्तित्व

अत्यधिक संपत्ति और सफलता के बावजूद अज़ीम प्रेमजी अपनी सादगी के लिए प्रसिद्ध हैं। वे मानते हैं कि व्यवसाय का वास्तविक उद्देश्य समाज को बेहतर बनाना होना चाहिए। उनका जीवन यह सिखाता है कि मेहनत, ईमानदारी, दूरदर्शिता और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ असाधारण सफलता प्राप्त की जा सकती है।

निष्कर्ष

अज़ीम प्रेमजी केवल एक सफल उद्योगपति नहीं, बल्कि एक दूरदर्शी नेता और महान समाजसेवी हैं। उन्होंने विप्रो को विश्वस्तरीय कंपनी बनाया और अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा शिक्षा तथा समाज कल्याण के लिए समर्पित किया। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और यह दिखाता है कि सफलता के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

Azim Premji Ki article bistar se banaye copyright free Hindi me

अज़ीम प्रेमजी का जीवन परिचय: भारत के आईटी उद्योग और परोपकार की प्रेरणादायक कहानी

परिचय

Azim Premji भारत के सबसे सम्मानित उद्योगपतियों, समाजसेवियों और दूरदर्शी नेताओं में से एक हैं। उन्हें भारतीय आईटी उद्योग के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए जाना जाता है। उन्होंने एक छोटी उपभोक्ता उत्पाद कंपनी को वैश्विक तकनीकी कंपनी Wipro में बदल दिया। व्यापारिक सफलता के साथ-साथ वे शिक्षा और समाज कल्याण के क्षेत्र में अपने योगदान के लिए भी विश्वभर में प्रसिद्ध हैं।

प्रारंभिक जीवन और परिवार

अज़ीम हाशिम प्रेमजी का जन्म 24 जुलाई 1945 को Mumbai में हुआ था। उनके पिता मोहम्मद हाशिम प्रेमजी एक सफल उद्योगपति थे और वनस्पति तेल का व्यवसाय चलाते थे। परिवार में शिक्षा, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी को विशेष महत्व दिया जाता था।

अज़ीम प्रेमजी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मुंबई में प्राप्त की। बचपन से ही वे पढ़ाई में रुचि रखते थे और नई चीजें सीखने के लिए उत्सुक रहते थे। बाद में उन्होंने अमेरिका की प्रतिष्ठित Stanford University में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू की।

कम उम्र में व्यवसाय की जिम्मेदारी

साल 1966 में उनके पिता का निधन हो गया। उस समय अज़ीम प्रेमजी केवल 21 वर्ष के थे। उन्हें अपनी पढ़ाई बीच में छोड़कर भारत लौटना पड़ा और पारिवारिक व्यवसाय की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी।

उस समय कंपनी मुख्य रूप से वनस्पति तेल और खाद्य उत्पाद बनाती थी। कई लोगों को संदेह था कि इतनी कम उम्र का युवक इतनी बड़ी जिम्मेदारी कैसे संभालेगा, लेकिन अज़ीम प्रेमजी ने अपने दृढ़ निश्चय, मेहनत और दूरदर्शिता से सभी को गलत साबित कर दिया।

विप्रो की स्थापना और विकास

कंपनी का मूल नाम Western India Vegetable Products Limited था। समय के साथ इसका नाम बदलकर Wipro रखा गया। अज़ीम प्रेमजी ने कंपनी को केवल खाद्य उत्पादों तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने नए क्षेत्रों में निवेश करना शुरू किया और कंपनी का विस्तार किया।

1970 के दशक में विप्रो ने उपभोक्ता उत्पादों, हाइड्रोलिक उपकरणों और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में प्रवेश किया। लेकिन अज़ीम प्रेमजी का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय था सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र में कदम रखना।

आईटी क्षेत्र में प्रवेश

1980 के दशक में जब कंप्यूटर उद्योग तेजी से विकसित हो रहा था, तब अज़ीम प्रेमजी ने भविष्य की संभावनाओं को पहचान लिया। उन्होंने विप्रो को कंप्यूटर निर्माण और सॉफ्टवेयर सेवाओं के क्षेत्र में उतारा।

उस समय भारत में आईटी उद्योग अभी शुरुआती चरण में था। कई लोगों को यह निर्णय जोखिम भरा लगा, लेकिन प्रेमजी ने तकनीक पर भरोसा किया। यही निर्णय आगे चलकर विप्रो की सबसे बड़ी सफलता का आधार बना।

धीरे-धीरे कंपनी ने सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, आईटी कंसल्टिंग, क्लाउड सेवाओं, साइबर सुरक्षा और डिजिटल समाधान जैसे क्षेत्रों में अपनी मजबूत पहचान बनाई।

वैश्विक सफलता

अज़ीम प्रेमजी के नेतृत्व में विप्रो ने भारत से बाहर भी अपने कारोबार का विस्तार किया। कंपनी ने अमेरिका, यूरोप, एशिया और अन्य क्षेत्रों में अपनी सेवाएं प्रदान करना शुरू किया।

आज विप्रो दुनिया की प्रमुख तकनीकी कंपनियों में गिनी जाती है और लाखों ग्राहकों को डिजिटल सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी की सफलता ने भारत को वैश्विक आईटी शक्ति के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

नेतृत्व और कार्यशैली

अज़ीम प्रेमजी की नेतृत्व शैली सादगी, ईमानदारी और अनुशासन पर आधारित रही है। वे मानते हैं कि किसी भी संस्था की सफलता केवल मुनाफे से नहीं बल्कि उसके मूल्यों से तय होती है।

उनकी कुछ प्रमुख विशेषताएँ:

ईमानदार और पारदर्शी नेतृत्व


कर्मचारियों के प्रति सम्मान


गुणवत्ता पर विशेष ध्यान


दीर्घकालिक सोच


सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वाह


इन्हीं गुणों के कारण उन्हें भारत के सबसे विश्वसनीय उद्योगपतियों में गिना जाता है।

शिक्षा के क्षेत्र में योगदान

साल 2001 में उन्होंने Azim Premji Foundation की स्थापना की। इस संस्था का उद्देश्य भारत में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है।

फाउंडेशन ने देश के अनेक राज्यों में सरकारी स्कूलों, शिक्षकों और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। लाखों विद्यार्थियों और शिक्षकों को इसके प्रयासों से लाभ मिला है।

परोपकार और दान

अज़ीम प्रेमजी को दुनिया के सबसे बड़े दानदाताओं में गिना जाता है। उन्होंने अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा समाजसेवा के लिए समर्पित किया है।

उनका मानना है कि धन केवल व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं बल्कि समाज के विकास के लिए भी उपयोग होना चाहिए। इसी सोच के कारण उन्होंने अरबों डॉलर शिक्षा और सामाजिक विकास के कार्यों में दान किए हैं।

पुरस्कार और सम्मान

अज़ीम प्रेमजी को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए अनेक सम्मान प्राप्त हुए हैं।

प्रमुख सम्मान:

Padma Bhushan (2005)

Padma Vibhushan (2011)

अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक सम्मान

विश्व के प्रमुख परोपकारी व्यक्तियों की सूची में स्थान


व्यक्तिगत जीवन

अज़ीम प्रेमजी अपनी सादगी के लिए प्रसिद्ध हैं। अरबों रुपये की संपत्ति होने के बावजूद वे अत्यंत साधारण जीवनशैली अपनाते हैं। वे हमेशा विनम्रता और कड़ी मेहनत को सफलता का मूल मंत्र मानते हैं।

अज़ीम प्रेमजी से मिलने वाली सीख

उनका जीवन कई महत्वपूर्ण सीख देता है:

दूरदर्शी सोच सफलता की कुंजी है।

ईमानदारी लंबे समय तक सम्मान दिलाती है।

शिक्षा समाज परिवर्तन का सबसे शक्तिशाली माध्यम है।

सफलता के साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए।

सादगी व्यक्ति को महान बनाती है।

अज़ीम प्रेमजी से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. अज़ीम प्रेमजी कौन हैं?

अज़ीम प्रेमजी भारत के प्रसिद्ध उद्योगपति, समाजसेवी और Wipro के संस्थापक अध्यक्ष हैं। उन्हें भारतीय आईटी उद्योग के अग्रणी नेताओं में गिना जाता है।

2. अज़ीम प्रेमजी का जन्म कब और कहाँ हुआ था?

अज़ीम प्रेमजी का जन्म 24 जुलाई 1945 को मुंबई (तत्कालीन बॉम्बे) में हुआ था।

3. अज़ीम प्रेमजी की शिक्षा कहाँ से हुई?

उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई Stanford University से की।

4. Wipro की शुरुआत कैसे हुई?

Wipro की शुरुआत एक खाद्य तेल और वनस्पति उत्पाद बनाने वाली कंपनी के रूप में हुई थी। बाद में अज़ीम प्रेमजी ने इसे आईटी और सॉफ्टवेयर सेवाओं की वैश्विक कंपनी में बदल दिया।

5. अज़ीम प्रेमजी ने Wipro की जिम्मेदारी कब संभाली?

अपने पिता के निधन के बाद उन्होंने 1966 में कम उम्र में कंपनी की कमान संभाली।

6. अज़ीम प्रेमजी को "भारत का आईटी सम्राट" क्यों कहा जाता है?

उन्होंने Wipro को एक छोटी विनिर्माण कंपनी से वैश्विक आईटी सेवा प्रदाता में बदल दिया, इसलिए उन्हें भारतीय आईटी उद्योग के प्रमुख निर्माताओं में गिना जाता है।

7. अज़ीम प्रेमजी की कुल पहचान क्या है?

वे उद्योगपति, निवेशक, परोपकारी और शिक्षा सुधार के समर्थक के रूप में जाने जाते हैं।

8. अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन क्या है?

Azim Premji Foundation एक गैर-लाभकारी संस्था है, जिसकी स्थापना 2001 में भारत में शिक्षा और सामाजिक विकास को बढ़ावा देने के लिए की गई थी।

9. क्या अज़ीम प्रेमजी समाजसेवा के लिए प्रसिद्ध हैं?

हाँ, वे भारत के सबसे बड़े दानदाताओं में से एक माने जाते हैं और उन्होंने अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा सामाजिक कार्यों के लिए समर्पित किया है।

10. Giving Pledge क्या है?

यह दुनिया के अमीर लोगों द्वारा अपनी अधिकांश संपत्ति समाज के हित में दान करने की प्रतिज्ञा है। अज़ीम प्रेमजी इस पहल से जुड़ने वाले पहले भारतीय थे।

11. अज़ीम प्रेमजी को कौन-कौन से सम्मान मिले हैं?

उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण और पद्म विभूषण जैसे प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किए गए हैं।

12. अज़ीम प्रेमजी के परिवार में कौन-कौन हैं?

उनकी पत्नी का नाम यासमीन प्रेमजी है और उनके दो पुत्र हैं, जिनमें Rishad Premji प्रमुख हैं।

13. क्या अज़ीम प्रेमजी आज भी Wipro से जुड़े हैं?

हाँ, वे कंपनी के संस्थापक अध्यक्ष (Founder Chairman) के रूप में जुड़े हुए हैं और मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।

14. अज़ीम प्रेमजी की सफलता का मुख्य मंत्र क्या माना जाता है?

ईमानदारी, अनुशासन, गुणवत्ता, ग्राहक-केंद्रित सोच और सामाजिक जिम्मेदारी उनकी सफलता के प्रमुख आधार माने जाते हैं।

15. युवाओं के लिए अज़ीम प्रेमजी का संदेश क्या है?

वे युवाओं को कड़ी मेहनत, नैतिक मूल्यों और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की सलाह देते हैं।

16. अज़ीम प्रेमजी को भारत का सबसे उदार दानदाता क्यों कहा जाता है?

उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास के लिए अरबों डॉलर मूल्य की संपत्ति दान की है, जिससे लाखों लोगों को लाभ मिला है।

17. अज़ीम प्रेमजी की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या है?

एक साधारण उत्पाद कंपनी को वैश्विक आईटी कंपनी में बदलना और साथ ही विशाल स्तर पर परोपकारी कार्य करना उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल है।

18. अज़ीम प्रेमजी से हमें क्या सीख मिलती है?

उनका जीवन सिखाता है कि व्यवसाय में सफलता के साथ-साथ समाज के प्रति योगदान देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

19. क्या अज़ीम प्रेमजी एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व हैं?

हाँ, वे भारत और दुनिया भर के उद्यमियों, छात्रों और समाजसेवियों के लिए प्रेरणा स्रोत माने जाते हैं।

20. अज़ीम प्रेमजी की विरासत क्या है?

उनकी विरासत सफल उद्यमिता, नैतिक नेतृत्व, शिक्षा सुधार और समाजसेवा के प्रति समर्पण के रूप में याद की जाती है।

अज़ीम प्रेमजी FAQ (Frequently Asked Questions) – Hindi

1. अज़ीम प्रेमजी कौन हैं?

अज़ीम प्रेमजी भारत के प्रसिद्ध उद्योगपति, निवेशक और समाजसेवी हैं। वे Wipro कंपनी के पूर्व चेयरमैन और भारतीय आईटी उद्योग के प्रमुख व्यक्तित्वों में से एक हैं।

2. अज़ीम प्रेमजी का पूरा नाम क्या है?

उनका पूरा नाम अज़ीम हाशिम प्रेमजी है।

3. अज़ीम प्रेमजी का जन्म कब हुआ था?

अज़ीम प्रेमजी का जन्म 24 जुलाई 1945 को हुआ था।

4. अज़ीम प्रेमजी का जन्म कहाँ हुआ था?

उनका जन्म मुंबई, महाराष्ट्र में हुआ था।

5. अज़ीम प्रेमजी के पिता कौन थे?

उनके पिता मोहम्मद हाशिम प्रेमजी एक सफल व्यवसायी थे और उन्होंने Western India Vegetable Products Ltd. की स्थापना की थी।

6. अज़ीम प्रेमजी ने अपनी शिक्षा कहाँ से प्राप्त की?

उन्होंने अमेरिका की Stanford University में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की।

7. अज़ीम प्रेमजी ने Wipro की कमान कब संभाली?

1966 में अपने पिता के निधन के बाद उन्होंने कम उम्र में कंपनी की जिम्मेदारी संभाली।

8. Wipro क्या है?

Wipro भारत की एक प्रमुख आईटी, कंसल्टिंग और बिजनेस सेवा प्रदान करने वाली बहुराष्ट्रीय कंपनी है।

9. अज़ीम प्रेमजी ने Wipro को कैसे सफल बनाया?

उन्होंने कंपनी को खाद्य तेल के व्यवसाय से निकालकर सूचना प्रौद्योगिकी और सॉफ्टवेयर सेवाओं के क्षेत्र में आगे बढ़ाया।

10. अज़ीम प्रेमजी को भारत के आईटी उद्योग का अग्रदूत क्यों माना जाता है?

क्योंकि उन्होंने भारतीय आईटी सेक्टर को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

11. अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन क्या है?

यह एक गैर-लाभकारी संस्था है जो शिक्षा और सामाजिक विकास के क्षेत्र में कार्य करती है।

12. अज़ीम प्रेमजी समाजसेवा के लिए क्यों प्रसिद्ध हैं?

उन्होंने अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के लिए दान किया है।

13. अज़ीम प्रेमजी को कौन-कौन से पुरस्कार मिले हैं?

उन्हें पद्म भूषण और पद्म विभूषण जैसे भारत के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान प्राप्त हुए हैं।

14. अज़ीम प्रेमजी की नेतृत्व शैली कैसी थी?

वे सादगी, ईमानदारी, अनुशासन और दूरदर्शी सोच के लिए जाने जाते हैं।

15. क्या अज़ीम प्रेमजी दुनिया के प्रमुख दानदाताओं में शामिल हैं?

हाँ, वे दुनिया के सबसे बड़े परोपकारी व्यक्तियों में से एक माने जाते हैं।

16. Giving Pledge क्या है और इसका अज़ीम प्रेमजी से क्या संबंध है?

Giving Pledge एक वैश्विक पहल है जिसमें अरबपति अपनी अधिकांश संपत्ति समाज के हित में दान करने का संकल्प लेते हैं। अज़ीम प्रेमजी इस पहल से जुड़ने वाले प्रमुख भारतीयों में से एक हैं।

17. अज़ीम प्रेमजी की सफलता का रहस्य क्या है?

कड़ी मेहनत, दूरदर्शिता, गुणवत्ता पर ध्यान और नैतिक मूल्यों का पालन उनकी सफलता के प्रमुख कारण हैं।

18. अज़ीम प्रेमजी का जीवन युवाओं को क्या प्रेरणा देता है?

उनका जीवन सिखाता है कि सफलता के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी आवश्यक है।

19. क्या अज़ीम प्रेमजी सरल जीवन जीते हैं?

हाँ, वे अपनी सादगी और विनम्रता के लिए प्रसिद्ध हैं।

20. अज़ीम प्रेमजी का भारतीय शिक्षा क्षेत्र में क्या योगदान है?

उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए अनेक कार्यक्रम शुरू किए हैं।

21. अज़ीम प्रेमजी की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या है?

Wipro को वैश्विक आईटी कंपनी बनाना और बड़े पैमाने पर परोपकारी कार्य करना उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल है।

22. अज़ीम प्रेमजी का व्यवसाय के प्रति दृष्टिकोण क्या था?

वे मानते थे कि व्यवसाय केवल लाभ कमाने का माध्यम नहीं बल्कि समाज की सेवा करने का भी साधन है।

23. क्या अज़ीम प्रेमजी लेखक भी हैं?

हालाँकि वे मुख्य रूप से उद्योगपति और समाजसेवी के रूप में प्रसिद्ध हैं, लेकिन उनके विचार और भाषण नेतृत्व तथा शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक रूप से उद्धृत किए जाते हैं।

24. अज़ीम प्रेमजी की विरासत क्या है?

उनकी विरासत सफल उद्यमिता, नैतिक नेतृत्व, शिक्षा सुधार और समाजसेवा के रूप में याद की जाएगी।

25. अज़ीम प्रेमजी से हमें क्या सीख मिलती है?

उनसे हमें ईमानदारी, कड़ी मेहनत, सामाजिक जिम्मेदारी और निरंतर सीखते रहने की प्रेरणा मिलती है।


निष्कर्ष

अज़ीम प्रेमजी भारत के उन महान व्यक्तित्वों में शामिल हैं जिन्होंने व्यापार, तकनीक और समाजसेवा तीनों क्षेत्रों में अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने विप्रो को वैश्विक पहचान दिलाई, लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर बनाए और अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा समाज के विकास के लिए समर्पित किया। उनका जीवन इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि सच्ची सफलता केवल धन कमाने में नहीं, बल्कि समाज को बेहतर बनाने में निहित होती है।